यादों का कारवां
By Neekhil Dedhia
अंजानी सी राह में फिर युही चल पड़ा,
अपने ख्वाबों को पूरा करने मैं फिर युही चल पड़ा,
उस सफर में कई अनजाने से चेहरे मिले और कुछ नई ज़मीन से वाकिफ़ हुआ,
और बस इस तरह कुछ हसीन यादों का कारवां युही साथ चल पड़ा |
By Neekhil Dedhia

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