याद है
By Vikas Rajoriya
वो बारिश का मौसम और तेरा चुपके से आना ,
वो तेरी आँखों में झांकना और आंसूओं का निकल आना ,
वो तुझे बाँहों में भरना और तेरा घबराना ,
वो मेरी छूने की हिमाकत और तेरा पिघल जाना,
वो मेरी जाने की बाते और तेरा घड़ी बन जाना ,
याद है ? याद है ? हाँ याद है ||
By Vikas Rajoriya

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