याद आती है मेरी ...
By Aryawardhan Garg ( kajal )
आप ,
हमारी यादों में , सांसों में , बातों में
दिल के हर एक अहसासो में ....!!
सपने टूटेंगे पता है लेकिन
अब भी आती हो ख्वाबों में .....!!
जिस्म से जिस्म दूर हो तुम
बस गई हो हर इक जस्बातों में ...!!
क्या हुआ जो दूर चली गई ...
मेरी रूह का इक हिस्सा हो तुम ...!!
जिंदगी का वो एक लम्हा हो तुम ....
जो याद आती है अकेली रातों में ....!!
काजल तो उतर गई आखों से....
लेकिन याद ए निशा है आंखो में ...!!
By Aryawardhan Garg ( kajal )

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