यहां अफसाने बहुत हैं !
By Abhay Raj Chand
यहां पर हर किसी के अफसाने बहुत हैं,
कोई अकेला, तो किसीके याराने बहुत हैं,
यूं तो बदनाम है हर आशिक यहां पर
पर फिर भी इस शहर में दीवाने बहुत हैं।
किसी को पसंद है हकीकत में जीना,
तो किसी के सपने सुहाने बहुत हैं,
किसी को अच्छा लगता है सच बोलना,
तो किसी के पास झूठे बहाने बहुत हैं।
कोई भटकता रहता है मुसाफ़िर बनकर,
तो किसी के पास रहने को आशियाने बहुत हैं,
कोई निकल पड़ा है एक मंजिल की तलाश में,
तो किसी के इस शहर में ठिकाने बहुत हैं।
By Abhay Raj Chand

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