यहाँ से जाते जाते
By Karan Bardia
हाथ खाली है तेरे शहर से जाते जाते,
दिल उदास हो रहा है तुझसे दूर जाते जाते,
अब तो तेरे शहर की हर गली, हर मोड़ मुझे जानती है,
बहुत बार मिला हूं उनसे तेरे शहर आते जाते।
सारी यादें सारी बात छूट रही है पीछे यहां से जाते जाते,
वो जगह जहाँ हम पहली बार मिले, बड़ी याद आ रही है आज जाते जाते,
क्या खूबसूरत थे वो दिन जब हम सिर्फ दोस्त हुआ करते थे,
और मिल जाते थे तेरे घर की गली के चौराहे पर यूं ही आते जाते।
वक़्त ना जाने क्यों इतनी जल्दी निकल रहा है तेरे शहर से जाते जाते,
माना तुम भूल गई मुझे पर ना जाने क्यों मैं नहीं भूल पा रहा हूं तुझे जाते जाते,
मैंने कहां सोचा था इतना लगाव हो जाएगा तेरे शहर से मुझे,
की हर कोई मुझे पहचान जाता है हर बार तेरे शहर से आते जाते।
वो बस स्टॉप वो बस वो गली का मोड आज भी आ रहा है याद जाते जाते हैं,
हर लम्हा, हर याद, हर बात मानो मेरे सामने आ रही है तुझसे दूर जाते जाते,
अब बस दूर जाना चाहता हूं इस दर्द भरे शहर से,
पर तुझसे हुआ वो एक दोस्त का वादा मुझे याद आ जाता है यहां से जाते जाते।
By Karan Bardia

Comments