:यह भी एक खबर होती है:(कविता प्रस्तुति सं 8)
By Dr C M Gupta Atal
यही बात अक्सर होती है,यही बात अक्सर होती है.
हर रिश्ते नाते की कीमत पैसे पर निर्भर होती है।
क्या हालत है ठाकुर जी की,अजी पुजारी को क्या मतलब।
सिर्फ चढ़ावे के ऊपर ही, उसकी सदा नज़र होती है.
झूठ हमेशा ही लोगों को मीठा और मधुर लगता है.
लेकिन सच्ची बात हमेशा मेरे मीत ज़हर होती है.
बिना सिफारिश अरु रिश्वत के,कोई काम अगर हो जाए.
राम कसम मैं सच कहता हूँ,यह भी एक खबर होती है.
यह तुम निर्भर करता है ,जैसा चाहे वैसा बरतो।
यह जुवान मरहम होती है,यही जुवान खंजर होती है.
सबके दिल की धड़कन अब तो,बनी आपके दिल की धड़कन।
यार अटल कवि की चर्चाएं,देखो अब घर-घर होती है.
मौलिक एवं स्वरचित- डॉ सी एम गुप्ता अटल,डीलिट(मानद)
By Dr C M Gupta Atal

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