मोहब्बत हमसे भी कर लो , मोहब्बत उनसे भी कर लो।
By Ayush kumar
तू मुझसे हाल ना पूछो, तेरा ही ख्याल आया है,
जानेमन तेरे बिन अब तो , ये अश्क बरसात लाया है
आंखों से ये जवानी है, आंखों में मिट जानी है।
मोहब्बत हमसे भी कर ले , मोहब्बत उनसे भी कर ले।
ये बंदिश की दुनिया में, चाहत मेरी भी कर ले तू।
कोई मुझसे सवाल न पूछे,खुद मैं सवाल लाया हूं।
दिलों के ख्वाहिश से तेरे, ज़हन में जान लाया हूं।
एक मुसाफिर सा कहानी है, अटल उसे बनानी हैं
मोहब्बत हमसे भी कर लो , मोहब्बत उनसे भी कर लो।
ये बंदिश की दुनिया में, चाहत मेरी भी कर ले तू।
फरेब इतना तुम्हारे हैं , तारे जैसे हजारों है।
धोखे में प्यार ना करना , इश्क सरेआम ही करना।
मिले तो पल रूहानी है, नही तो भूल जानी है।
मोहब्बत हमसे भी कर लो , मोहब्बत उनसे भी कर लो।
ये बंदिश की दुनिया में, चाहत मेरी भी कर ले तू।
रगो से सीच लूं तुम्हें,खुदा की ये अर्जी हैं।
मौसम की हाल ना पूछो,मुझे ओ ख्वाब बचानी है।
इश्क इतना ही कर ले तू, जिसमें अरमान उड़ानी हैं।
मोहब्बत हमसे भी कर लो, मोहब्बत उनसे भी कर लो।
ये बंदिश की दुनिया में चाहत मेरी भी कर ले तू।
लहरों से जोड़ दू तुम्हे, जहां सांसों के पहरी है,
धड़कन में छिपाया हूं, पलकों पे बिठाया हूं।
आंखों के अश्क ही जाने, उसे कितना मनाया हूं।
मोहब्बत हमसे भी कर लो, मोहब्बत उनसे भी कर लो।
ये बंदिश की दुनिया में चाहत मेरी भी कर ले तू।
वो पंछी हो हमारे तू, जो ख्वाब नींद चुराया हैं,
दूर इतना भी मत उड़ना, जहां हौसले ना छूट जाए,
जज्बातों में तुम्हारा हूं, अभी मोहब्बत में कुंवारा हूं।
मोहब्बत हमसे भी कर लो, मोहब्बत उनसे भी कर लो।
ये बंदिश की दुनिया में चाहत मेरी भी कर ले तू।
ख्वाहिश के सरगम में, हमें अल्फाज मिलाने दो।
नजुकता है लब्जों के, सपनों में फूल खिलाने दो।
कांटों से है यारियां, रातों की है ये शायरियां।
मोहब्बत हमसे भी कर लो, मोहब्बत उनसे भी कर लो।
ये बंदिश की दुनिया में चाहत मेरी भी कर ले तू।
By Ayush kumar

Comments