मैं हूं तिरंगा भारत का
By Harit Dudharejiya
मैं हूं तिरंगा भारत का,
मुझसे देश की शान है।
मुझसे इस देशवासियों की पहचान है,
मेरे लिए हुए कई सैनिक कुरबान है।
मैं हूं तिरंगा भारत का,
मुझसे देश की शान है।
मुझ में बसती सबकी जान है,
मुझसे ही पूरा हिंदोस्तान है।
मैं हूं तिरंगा भारत का,
मुझसे देश की शान है।
बदले है मेरे रूप लेकिन,
मिला सबको सम्मान है।
मैं हूं तिरंगा भारत का,
मुझसे देश की शान है।
राष्ट्रीय तेहवारो पर होता मेरा बहुमान है,
कही पर भी मेरा नई होता अपमान है।
मैं हूं तिरंगा भारत का,
मुझसे देश की शान है।
मैं उस देश का झंडा हूं,
जहा सभी एक समान है।
जहा सभी के लिए एक जमी,
और एक आसमान है।
मैं हूं तिरंगा भारत का,
मुझसे देश की शान है।
मेरे लिए वीरो ने गवांए अपने प्राण है,
युवानो से मेरा ये आहवान है।
रखना मेरी गरिमा हमेशा,
बस मेरा इतना सा अरमान है।
मैं हूं तिरंगा भारत का,
मुझसे देश की शान है।
मैंने देखी है इस देश की स्थिति,
ये देश बड़ा महान है।
जन्म मिला जी तुझे यहां पे,
ये ईश्वर का अहसान है।
मैं हूं तिरंगा भारत का,
मुझसे देश की शान है।।
By Harit Dudharejiya

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