मैं कृतघ्नता से दूर हूँ
By Dr. Madhulika Lakra
मैं कृतघ्नता से दूर हूँ
क्योंकि कृतज्ञता के निकट हूँ।
मुझे ज्ञात है कि
थक कर निंद्रा में
शिथिल हो जाने वाला शरीर
सुबह उठ कर
ऊर्जा महसूस करे,
यह सबकी दिनचर्या नहीं।
मुझे ज्ञात है कि
दुःख सबके हिस्से हैं
किन्तु, आशा और जीवटता
सबके पास नहीं।
मुझे ज्ञात है कि
द्वंद और ऊहापोह
सबके जीवन में है,
लेकिन संतोष और शान्ति
सबके मन में नहीं;
मुझे ज्ञात है कि
सब ढूंढ रहे कोई रोशनी
किन्तु स्वयं के भीतर बसा अंधेरा
हर कोई, उस से अवगत नहीं।
मुझे ज्ञात है कि
यात्राएं सबकी कठिन हैं
लेकिन ठहरने का विकल्प
सबके पास नहीं।
By Dr. Madhulika Lakra

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