मेरे देश का फौजी
By Dr. Susheela Chaurasia
जो हमारे देश का मान और सम्मान हैं,
जिसकी वजह से हमारी सुख, शांति और चैन बरकरार हैं,
वो मेरे देश का फौजी, मेरे देश का जवान है।
सरहद पार खड़ा हुआ जो काल है,
जिनसे बचाता हमारी जान है,
जो ऐसा इंसान है,
वो मेरे देश का फौजी, मेरे देश का जवान है।
जिस्से हमारा कोई रिश्ता नहीं है,
जो किसी मजहब को समझता नहीं हैं,
जो फिर भी हमारे लिए जान दे, ये फ़रिश्ता वही है,
दोस्त, ये मेरा जवान, ये मेरा फौजी यहीं है।
जो गोली, बारूदो से खेलता है, जैसे खिलौना कोई,
जो खून बहाता है, जैसे पानी की धारा कोई,
जो मिट्टी का लाल है,
जो अपने घर की खुशियों से अंजान है,
वो मेरा सैनिक महान है,
वो मेरा फौजी, मेरा जवान है।
By Dr. Susheela Chaurasia

Jai Hind
Nice poem 👌🏻 👌🏻
Truly said
Bharat mata ke jai
Nice👌🏻👌🏻👌🏻