मेरी हमसफ़र — मेरी जीवन संगिनी
- Hashtag Kalakar
- Dec 8, 2025
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By Rohit 'Lukad' Jain
आप जब आई ज़िंदगी में, कोई बहार आ गई,
सूखी रूह में फिर से खुशबू समा गई,
आपकी मुस्कान में सुकून हैं सारे जहान का,
सिर्फ घर से न जुड़ी, मेरी नई पहचान बना गई ।।
कभी नाराज़ होकर भी मोहब्बत जताती है,
हर झगड़े के बाद फिर दिल से मनाती है,
हर मुश्किल में जब साथ निभाती है,
तो लगता है खुदा की दुआ मिल जाती है ।।
नज़रों से समझे ऐसा हो हमारा विश्वास,
आप समाई मुझमे जैसे कोई अरदास,
घर की हर दीवार में आपका ही एहसास,
आपकी हँसी से ही तो बना मेरा जीवन ख़ास ।।
आपके आने से हर खुशी मनमीत हैं,
अब हर पल जी रहा हु, जैसे कोई संगीत हैं,
आप सिर्फ़ संगिनी नहीं, मेरा जीवन गीत हैं,
मेरी दुनिया की सबसे प्यारी प्रीत हैं ।।
By Rohit 'Lukad' Jain

😇
Feels in words
Awesome