मेरी माँ
Updated: Jul 16, 2025
By Smita Roy
मेरे हथेली पे कोई रेखा नहीं है सफल होने की
माँ तू सर पे रख दे हाथ,
मैं बदल दूँगी तकदीर तेरी और मेरी।
खुदा से मांगती हो मन्नते, कामयाबी की मेरी,
अपना तुझे कोई होश नहीं।
यू तो नखरे उठाए है मेरे लाखों
अब कुछ ऐसा हो की मनमनिया तू करे
और समझदार मैं बनू।
यू तो बिना तेरे आँचल, मैं सोती नहीं
पर अब कुछ यू हो
परेशनिया मैं उठाऊ और
हिफाजत तेरी हो।
यू तो लोग जन्नते पूरी जिनदी तलाशते है
और मैं जन्नत तेरी बाहों मे महसूस करती हु।
यू तो मुश्किल वक्त मे लोग खुदा को याद करते है
पर शायद माँ को खुदा ने अपनी मुश्किलों के लिए बनाया होगा।
यू तो लाख शिकायते होंगी तुझे मुझसे
लेकिन मेरी तारीफ करते थकती नहीं।
शायद तू ही मेरी सच्ची मुहब्बत है
वरना इतना धेर्य तू सहती नहीं।
मुझे याद है तूने कितने आँशु बहाए है
मेरे एक गहने के खो जाने पे
अब देर है बस कामयाबी की
की माँ जीतने आँशु तूने बहाए है
उतने गहने मैं तेरे कदमों मे रख दु।
By Smita Roy

Comments