मेरी कविताएं
Updated: Jul 18, 2025
By Prerna Arora
लिखती हूँ मैं कविताएं
क्यूंकि अच्छा लगता है मुझे
उकेरना खुद को , शब्दों में
और यही है मेरी असली पूंजी
जो जिंदा रहेगी मेरे साथ भी..
और मेरे बाद भी..
शायद जब कभी पढ़ोगे तुम
पलट कर डायरी के पन्ने
तो ज़हन में याद आऊंगी मैं
और मुझसे जुड़ी हुई कई बातें.. ,कई यादें...
जो भिगो देगी तुम्हारी पलकों को शायद
पर इतना तो यकीन है मुझे कि
भीगी पलकों में भी
मुझको याद करके
By Prerna Arora

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