मेरा होना
Updated: Sep 20, 2022
By Hiren Chauhan
मेरा होना अब उसे खलता है,
कोई इतना क्यूँ मुझसे जलता है।
तब तक बड़े अच्छे से पेश आते है,
सबकुछ उसकी मर्ज़ी से चलता है।
शायद अब ये स्वभाव में घुल चूका है,
जरूरत हो तब ही कोई आपकी ओर ढलता है।
मीठी वाणी, के कहीं मधुमेह करदे,
जिसपे मुक़म्मल यकीं हो वो ही छलता है।
खुदा उन्हीं का साथ देता है 'अनहद',
नेकीकेसाथजोहमेशासेचलताहै।
By Hiren Chauhan

Comments