मेरा वॉरियर बच्चा
By Vanshika Nirmal Jingar
वो दिन याद है, जब तेरे आने की खबर मिली थी, खुश थी बहुत, के मेरी जान में एक रूह बसी थी बहुत ज्यादा सोचती थी, खुद के लिए कम, तेरे लिए ज्यादा, खुद के लिए शून्य तेरे लिए अगणित से भी ज्यादा, बहुत खुश रह रही थी में, खुद के लिए कम, तेरे लिए हर बार ज्यादा ।। छोड़ दी थी शेरो शायरी हमने, क्यूंकि शायद गम में नहीं थी, लिख नही पाते थे, फिर भी हम खुश थे, आज पूरी किताब भी लिख दी, फिर भी हम खुश नही थे, काहनी पूरी होने पे भी खुशी मे नही थे ।।
तू मैरी हर तकलीफ में रहे लिया, खा पी के मस्त जी लिया मेरा वॉरियर बच्चा, हर जंग जीत लिया सब सह के भी खुश रह लिया ।। पता नही कहा में चूक गई, के तूने मुझे छोड़ दिया, जब साथ था तभी मुझे बदल दिया, जाते जाते तो पूरी जिंदगी बदल गया, दुआ हे मेरी, जहा जाए वहा खुश रहे, बिना देखे, इश्क करना सीखा जाए, कुछ भी हो जाए, मेरा वॉरियर बच्चा, हर बार तू जीत जाए ।।।
By Vanshika Nirmal Jingar

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