मुझे अच्छा नहीं लगता
By Nazia Bano
मैं कहना चाहती तो हूँ मगर मैं कह नहीं पाती तुम्हारे बिन मैं रहती हूँ मगर मैं रह नहीं पाती मुझे अच्छा नहीं लगता... मेरे दिन का कोई हिस्सा मुझे अच्छा नहीं लगता तुम्हारा नाम न हो तो कोई किस्सा मुझे अच्छा नहीं लगता
मुझे अच्छा नहीं लगता जो मुझसे दूर रहते हो जो अपनी ज़िंदगी में इस क़दर मसरूफ रहते हो मेरी हर सुबह और शामें अगर तुमसे नहीं होती मेरे दिन की सभी बातें अगर तुमसे नहीं होती मुझे अच्छा नहीं लगता... मैं ये सब कहना चाहती तो हूँ मगर मैं कह नहीं पाती तुम्हारे बिन मैं रहती हूँ मगर मैं रह नहीं पाती मुझे अच्छा नहीं लगता...
By Nazia Bano

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