मुझसे ज्यादा मशहूर तो मेरी कविताएं है
Updated: Jul 15, 2025
By Vijay Dilip Patil
मुझसे ज्यादा मशहूर तो मेरी कविताएं है
मेरी आंखों का नूर तो मेरी कविताएं है
दो गज फासले नहीं मीटा पाता मैं
पहुंची बहुत दूर तो मेरी कविताएं है
खाली खाली सा रहता हूं मैं इस अनजान दुनिया में
मुझसे ज्यादा भरपूर तो मेरी कविताएं है
बड़ी रूखी रूखी सी बातें होती जिंदगीसे रोज
मेरे लफ्जों का अंगूर तो मेरी कविताएं है
जिंदगी रोज दिखाती है आईना सच का
मेरे ख्वाहिशो का तसब्बूर तो मेरी कविताएं है
मैं रोज बदलता हूं उसूल अपने
मुझे निभा रही सारे दस्तूर तो मेरी कविताएं है
मैं कुछ खास खुश नहीं होता दुनिया की महफिल में
मेरे लिए बेहद कीमती तो हुजूर मेरी कविताएं है
अक्सर कतराता हूं जो बात कहने से मैं
बड़ी बेबाकी से कह जाती है मुझसे ज्यादा बहादुर तो मेरी कविताएं है
By Vijay Dilip Patil

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