मार्गदर्शक
By Sarthak Bharti
ज़िन्दगी की किताब में, जो अनकहे पन्ने थे,
आपकी दुआओं से ही वो सारे सजने थे।
हर सबक़ दिल के करीब, हर बात दिल की गहराई,
आपसे ही मिली मुझे, अपनी खोई हुई पहचान नई।
आपकी रहनुमाई, मेरी ज़िंदगी की ज्योति,
हर सबक़ अनमोल, हर बात सुहानी।
जो सीखा है आपसे, वो है मेरी पूंजी,
आपकी बदौलत ही, मेरी ज़िंदगी मे इतनी रौशनी।
हर राह आसान हुई, जब आप रहे साथ,
ज्ञान का दिया जला, दूर किया अंधेरा और शंका।
आपकी कृपा से ही, मैंने खुद को पहचाना,
दिल से आपका आभार व्यक्त करता हूँl
आप मेरे जीवन के सच्चे मार्गदर्शक हैं,
आपको नमन करता हूँl
By Sarthak Bharti

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