माँ का आँचल
Updated: Jul 30, 2025
By Suman Rai
दुखों से जो ठोकर खाई ना होती, माँ आँचल की तेरी याद आयी ना होती
बताये थे दस्तूर दुनिया के कुछ तो, सुनाये थे क़िस्से ज़माने के मुझको
उन संदेशों में इतनी गहराई ना होती , माँ आँचल की तेरी याद आयी ना होती
कोशिश की हर दम सच्चाई ना छूटे, खोई भी खुदको ताकि अपने ना रूठे
इन आँखों के आंसू छुपाई ना होती , माँ आँचल की तेरी याद आयी ना होती
आज़माने को संसार बैठा है हर दम, अंधेरे को छोड़ा फिर रौशन है जीवन
दुआओं से अपना बनायी ना होती , माँ आँचल की तेरी याद आयी ना होती
By Suman Rai

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