महान स्त्रियां
Updated: Feb 15, 2024
By Vutukuri Reethika
सारे विश्व मुझे सोने कि चिड़िया कहकर बुलाते हैं, इसलिए कई विदेशियों ने मुझे लूटकर मेरी अस्तित्व को मिटाना चाहते हैं, किंतु मुझे गर्व है मेरे वीर पुत्रों के बलिदानों पर। मुझे खुद पर गर्व है कि में ने वीरांगना बेटियों को भी जन्म दिया जो मेरे लिए अपना सब कुछ छोड दिया। आज मैं अपने बेटियों कि कहानि गर्व से सुना रही हूँ। मैं हूं भारत माता
मैं जन्मा था युवराणि बनकर किंतु बन गयी महाराजा। मैं ने प्रजा के माता पिता बनकर पालन किया था। कई सामंतों ने किया मेरी शासन का विरुद्ध, क्यों कि मैं एक लड़की हूँ और उन्हें मेरी तलवार ने जवाब दिया। आज मैं सारी लड़कियों की आदर्श हूँ। मैं हूँ काकतीयों कि रानी रुद्रमादेवि
जब शत्रु मुझे पाना चाहते थे मैं ने जौहर कि आग में जल कर अपने स्वाभिमान, राजपुति शान और एक क्षत्राणी कि गरिमा को बचा लिया। आज के सारी स्त्रियों को मैं ने दिया ये सीख प्राण से बड़कर अपना मान सम्मान होता है। मैं हूं चित्तोड कि रानी पद्मिनि
मुझे गर्व है कि मेरा पुत्र चंदन अपने मात्रुभूमि के लिए प्राण न्यौछावर कर दिया, शायद नियति ने एक माँ को हरा कर एक देशभक्त को जिता दिया। क्या मेरी कहानि एक माँ कि विवशता कि या एक आदर्श देशभक्त कि। मेरी कहानि उन सारी माँओं के लिए बन गयी आदर्श जो अपने संतान को सेना में शामिल किया है। मैं हूँ पन्ना दायी
मैंने जला दिया अपने आप को ताकि आग लगा सकु अंग्रेजों कि बारूद सहित फिरंगों को। जब मेरी काया जल्ति तब मेरी मूह से एक ही शब्द निकलि भारत माता कि जय । आज मेरी बलिदान कि कथा बन गयी एक आदर्श उन सारी लड़कियों के लिए जो सेना में सम्मिलित हो कर देश कि रक्षा कर रहे हैं। मैं हूँ रानी वेलुनाचियार कि सेनापति कुयिलि।
By Vutukuri Reethika

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