मंज़िल
By Jagrati Chaurasiya
कितनी दूर हैं मंज़िल
अक्सर मन ये सवाल पूंछ लेता हैं।
पर उसे क्या पता इंसान कितना कमज़र्फ़ हैं।
वो भी एक मंज़िल मिल जाने पर कहां रूकता हैं।
मंज़िल दर मंज़िल ताउम्र सफ़र करता हैं।
बस " कितनी दूर हैं मंज़िल " हर बार यू ही
सवाल कर ये उम्र बसर करता हैं।
By Jagrati Chaurasiya

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