भारत देश
By Priyanshu Ranjan
न जाने कितनी जाने चली गई कितने वीरो ने गोली खाई थी न जाने कितने घर के दीपक बुझ गए और तुम्हे लगता है आजादी मुफ्त में आई थी न जाने कितना भ्रष्टाचार हुआ न जाने कितनी लड़ाईयां हुई भारत के लोगो पर अत्याचार हुआ और भारत की बुराइयां हुई तुम्हे आजादी की कीमत क्या पता होगी की हमने
आजादी कैसे पाई थी जब बात देश पर आई थी तो इसी आजादी के कारण देश की मां ने बेटा और पत्नी ने मांग की सिंदूर गवाई थी कहानियां सुनी होगी तुमने क़िस्से में देश आजाद हुआ बंट गया दो हिस्से में जो देश सालो से अपना था जब टुकड़ा हुआ तब उसे जोड़ना सरदार पटेल का भी सपना था आज देश मे तिरंगा लहराएगा आज कोई सिपाही तिरंगे में लिपट कर घर जायेगा आज किसी के घर में खुशीयां मानेगी आज किसी के घर में मातम छाएगा आज छुट्टी लेकर कोई अपने घर जायेगा सीमा पर आज फिर कोई जवान मर जायेगा जन्म लिया है इस देश में औरों के गुण गाए क्यूं और भारत हमारी माता है भारत मां की जय बोलने में सरमाए क्यूं
By Priyanshu Ranjan

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