भारत की आजादी के स्वर्णिम 75 साल
By Sameer Kumar Sagar
आजा दी कभी भी भी ख में नहीं लती इसे बत कुछ चुका के पा ई जा ती है। हमा रे भा रत वर्ष की आजा दी को ला खो करो ड़ों ने अपने सर्वस्य से सीं चा है। भा रत कभी को नूर ही रा और मयूर हा सन के सा थ सो ने की या कहा जा ता था ले न देशी आक्रां ता अफगा नी , मुगल , सी सी , पुर्तगा ली , और अंजो ने इसे बा री बा री से लूटा और लूटने के सा थ सा थ भा रत की पा क प धरती को अपरा धो के कत्लेआम से रंगा भी । भा रतमा ता के धा नी आंचल में अपने ब के र के छी टें पड़े है जो इस बा त का तक है की आजा दी भी ख में नहीं ली है।
1947 की आजा दी और 1950 का सं धा न र्मा ण हम आम ना ग क को कुछ अ का र और कर्त या है से हम आम जी वन में वहा र में ला ते हैं ले न हम अ कतर अपने अ का र के तो जा गक है जब एक स्वतं रा के म्मेदा र ना ग क हो ने के सा थ भी हम अपने कर्त से मुख रहते हैं तना हम अपने अ का र के सजग है उस से अ क कर्त के ल त रहेंगे तो एक स्व म भा रत के वर्तमा न को पटल पर प ल त कर सकते है। 1947 के बटवा रे के सा थ भा रत अनेकता में एकता की प भा षा गढ़ने लगा जब पा स्ता न न न अपने करता से मु म रा की ओर असर हो ने लगा बड़े पैमा ने पर दंगे की आग में भा रत और पा स्ता न दो नों जले, बत सा रे लो ग बेघर ए बतों का सब कुछ खत्म हो गया ।वो रेनबसेरो में रहने को मजबूर हो गए, बटवा रे का खा या जा सबको झेलना पड़ा अभी भा रत रा की सुरक्षा के सजग हो ता ही उससे पहले पा स्ता न ने कश्मी र पे हमला कर या समे पा स्ता न को कस्त ली और कश्मी र के रा जा ह ह ने भा रत के सा थ आने का फैसला या । धी रे धी रे स्वतं भा रत के गृह मं सरदा र पटेल ने हैदरा बा द जूना गढ़ भो पा ल और कश्मी र को ला के भा रती य प संघ का र्मा ण या धी रे धी रे भा रत एक संग त रा बनने लगा तथा दी ची नी भा ई भा ई का ना रा ए या के पटल पर गूंजने लगा ।।। स संयु रा के ई सदस्य बनके ची न हमा रे तो के ला फ टो लगा ता है वह सदस्यता भा रत को लने वा ला था ले न तत्का ली न
धा नमं पं त नेह जी की सा यता से भा रत से ज्या दा जरत ची न को अपनी आ क सुधा रने की है और वो र्णय भा रत को बत महंगा पड़ा और इसका प णा म ची न ने 1962 के यु के प में या मा ओ को ची न अपने भा ग्य धा ता मा नता है सकी हड़प नी का प चा यक FIVE FINGER POLICY हैं समे ची न ब्बत को दा ने हा थ की हथेली मा नता है नकी पां च उंग यां है ल ख , नेपा ल,
म, भूटा न और अणा चल देश इस रणनी के तहत ची न इनको स्वतं करने का सपना पा ले ए हैं ।। ची न पर वर्तमा न प ष्य में स करना बत ही मु ल है डो कला म वा द और गलवा न घा टी ची न की का ली कहा नी का प चा यक है। भा रत हमेशा बा हरी आक्रमण से जूझता रहा 1962 के यु से अभी संभला भी नही था की 1965 के यु की शुवा त हो गई उस समय के प पेक्ष में तत्का ली न धा नमं शा स् जी की बता भा रती य इ हा स के प में अमर हो गई ऐसी सा दगी का प चा यक रा जनेता में इक्के क्के ही नजर आते है।
भा रत एवं के देशों के संबंधो में वर्ष 2014/ 15 के बा द नई वृ यों का समा वेश आ है co है vid से पहले धा नमं मो दी को देश या में गा पुर , टेन, कना डा , यूएसए , आयरलैंड इत्या देशों के सा थ भा रत के संबंधो को नई ता जगी ली है।तथा संयु रा में भा रत की ई सदस्यता के समर्थन की बता जा र की है भा रत ने अपने पड़ो सी देशों ची न , भूटा न, नेपा ल, बां ग्ला देश, और लंका के सा थ बेहतर पक्षी य संबंध त ए है न्यू डेवलपमेंट बैंक की पना ने भा रत और क्स देशों के मध्य सहभा ता के ए प्लेटफा र्म त या है आ या न खर सम्मेलन में भा रत की तरफ से एक मजबूत आधा र पेश या गया जहां पर आतंकवा द , जलवा यु प वर्तन, समु सुरक्षा , स्वतंता , पक्षी य सहयो ग एवं सा म क रणनी यों पे चर्चा की गई।
आज के ए आतंकवा द सबसे बड़ा और सबसे खतरना क मु है आतंकवा द से जहा सा रा पी त हैं वही भा रत की आतंकवा द पे जी रो टॉ लरेंस की नी उसे सा रे देशों से आगे ले जा ती है आतंकवा द ने जहा पे स , ब न , इंस्टा बुल को दहला के यूरो प में अपनी मजबूती दर्शा दी हैं वही कश्मी र समस्या भा रत के ए सबसे बड़ा र दर्द है भा रत के यूरो य देशों के संबंध में जहा अमे का आतंकवा द की लड़ा ई में भा रत का सा थ दे रहा है वही अमे का की पा स्ता न को दी जा ने वा ली सहा यता रा में कटौ ती भा रत के पक्ष में खड़ा करता है पे स हमले के बा द स को आतंकवा द की भया वकता का प णा म पता चला और भा रत का सा थ देने को रा जी
आ रा फेल डी ल भा रत को ए या में एक महा श के प मे त करता है । भा रत का एक अत्यंत सहयो गी देश इजरा इल है इजरा इल चा रों ओर से अरब देशों से रा आ है ससे उस पर आतंकवा दी घटना का अंदेशा हमेशा बना रहता है ले न इजरा इल और फ स्ती न के झगड़े में भा रत जहा तट की भू का में है पूर्व धा नमं
स्व पं त नेह जी के फ स्ती न से बत ही अ संबंध थे से दो नो देश अभी तक भा रहा है। भा रत इजरा इल का सबसे बड़ा सैन्य खरी ददा र है 1999 से 2009 के बी च 9 यन डॉ लर का सैन्य सा म भा रत ने खरी दा है इजरा इल की सैन्य सेटेला इट TECSAR अभी ISRO ने अंत क्ष में लां च या है भा रत को इजरा इल ने न का र्या त या है ।। ची न सो चता है की उसे अगर महा श बननी है तो सबसे पहले उसे भा रत को नी चा करना पड़ेगा और इसके ए वह पा स्ता न का सा थ देता है ची न ने पा स्ता न में ग्वा दर बंदरगा ह बना या हैं जो अरब सा गर के ना रे अव त है ची न ने पा स्ता नके सा थ ल के OBOR(वन बेल्ट वन रो ड) प यो जना पर का म कर रहा है जो pakistan occupied kashmir से हो के गुजरता है सका भा रत वै क मंच पर भी रो ध जता चुका है सके जवा ब में भा रत ने ईरा न के सा थ
लके चा बहा र बंदरगा ह त या है ससे कजा स्ता न, स्ता न, तजा स्ता न आ तक भा रत की पच हो जा येगी ची न का भा रत के सा थ डो कला म और गलवां न घा टी को लेके वा द बढ़ गया है डो कला म एक ई जंन है जहा भा रत ची न और भूटा न की सी मा लती हैं चुकीं भा रत का भूटा न के सा थ 1949 से ही परर स और दो स्ती का संबंध है और ची न इस जंन पे रो ड बना ना चा हता है ता वह म के और नजदी क आ जा ए इस संदर्भ में भा रत का पैर पी छे नहीं खीं चने का भा रत की एक कूटनी क जी त मंच पे प द त हो ता है।।
म्यां मा र भा रत का पड़ो सी देश है सकी सी मा भा रत में म पुर ना गा लैंड और अणा चल से लती है वहा के रो ग्या मुसलमा न की समस्या भा रत को परेशा न करते रहती है क्यूं रो ग्या मुसलमा न म्यां मा र से भा ग के अवैध प में भा रत में वेश करते हैं ससे भा रत के अर्थ व पर अका रण बो झ पड़ रहा है।
भा रत बंगला देश संबंध भी अ है 1971 में पा स्ता न के दो टुकड़े कर के बां ग्ला देश को भा रत ने ही अ त्व में ला या था उसके बा द वहा की रा भा षा बंगला हमा रे बंगा ल की भा षा हैं
भा रत का स से बत ही अ संबंध रहा है जब परमा णु परी क्षण के समय सा रे यूरो य देश भा रत पे बंध लगा रहे थे तब स ही भा रत के सा थ धृदता से खड़ा रहा भा रत के अ कतर लड़ा कू और मा लवा हक मा न स से ही खरी दे ए है। भा रत के लड़ा कू मा न के री ढ़ की ह सुखो ई मा न स से ही खरी दा आ है। भा रत और स ने लके पहला सुपरसो क सा इल स बना या जो का एक मा सुपरसो क सा इल है। भा रत के ना जुक समय में स हमेशा सा थ खड़ा रहा ।
इन सबों के पी छे भा रत के धा नमं मो दी जी की क बता है न्हों ने भा रत को अन्य देशों के आगे झुकने नही या सबका सा थ सबका का स वै क मंच पे भा रत को अन्य ए या ई देशों से आगे करता है। भा रत की look east नी और covid की इस कट समस्या के बी च वैक्सी न पॉ सी फा यदेमंद रही ।भा रत की अर्थ व धी रे धी रे ही सही ले न पटरी पर आने की कवा यद पर है है धा नमं मो दी जी के नेतृत्व में भा रत त नई ऊंचा ई को छू रहा है धा नमं जनधन यो जना , उवला यो जना , आयुष्मा न भा रत यो जना , अटल पेंशन यो जना make in India , बेटी बचा ओ बेटी पढ़ा ओ यो जना , स्मा र्ट टी यो जना , शन इंधनुष यो जना भा रत को नई शा में असर कर रहा है
ये प चा यक है की भा रत एक जमी न का टुकड़ा नही ब एक जी ता जा गता शां और समृ का शां त है जो गु बनने की अतुल्यता को दर्शा ता है।।।एक बा र पूर्व धा नमं भा रत रत्न अटल हा री वा जपेई जी ने कहा था की हम अपने दो स्त बदल सकते है ले न अपने पड़ो सी को नहीं बदल सकते।यही ह के जबड़े में हा थ डा ल के उसके दां त को नना भरत के स्व म ना म को सफल बना ता है।
By Sameer Kumar Sagar

Comments