बेदर्द इश्क
By Sourav Thakur
बात नही की तो क्या,
प्यार नही है कम।
दिल की दास्तां क्या बताएं,
चेहरे पर मुस्कान भले अंदर है गम।
दिल की रास्तों पर चलकर,
हमने बहुत कुछ जाना है,
दिल का यूंही दिल से मिल जाना,
ये आखिर किस काम आना है?
आपकी तारीफ़ में ,
कितने अल्फाज़ थे हमने बोले,
सुनना था जो अल्फाज़ हमे,
तुमने एकबार भी वह न बोले।
इस बीच हमने दुआ की,
कि बने आप हमारी खुदा,
सपना टूटा तो दिखा हमे,
हो चुके थे हम जुदा।
फिर भी काफ़ी है प्यार आपका
जितना भी हमने आपसे पाया है,
आखिर पता तो चल पाया हमे,
कि इश्क जीवन की सिर्फ एक माया है।
लाख कोशिश कर चुका ये दिल,
फिर भी हर बार ये टूट कर ही रहना है।
जिंदगी में सख्त बनो जनाब,
आगे और भी बहुत कुछ सहना है।।
By Sourav Thakur

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