बस थक गयी हूँ
Updated: Oct 10, 2022
By Nilakshi Raul
थक गयी हूँ सुनके
तुम लड़की हो
तुमसे ये ना हो पायेगा
थक गयी हूँ उन्ह बंधनो से
जो हमारा दम घुटने में माहिर हैं
बस नहीं हुआ क्या अब
जो तुम इतने सालों से हम पे
ये रोक टोक लगाते हो
क्यों हमेशा हमें ही
अपने आवाज को दबाना पड़ता है
क्यों हमेशा सीता को ही पवित्रता
की परीक्षा देनी पड़ती है
जब के भला राम से ये पुछा तक ना जाता
थक गयी हूँ ये सुनके
आपने हमें पढ़ने की अनुमती दी है
जब के वो हमारा अधिकार ही है शायद
ये कैसी दुनिया है
जहाँ औरत ही औरत के पर कातती है
उन्हें उन बंधनो में बाँटि है
जिन्ह में उन्हें बंधना ही नहीं होता
थक गयी हूँ ये सुनके
तुम लड़की हो
ऐसे मत बैठो
ऐसा मत करो
सीधे बात करो
आवाज कम रखो
और हो सके तो अपनी नज़रें भी
ऐसे कपडे क्यों पहने हैं
लोग क्या कहेंगे भला
अरे क्यूँ भाई क्यूँ सुनू में
जब तुम नहीं सुनना चाहते
अगर तुम चाहते हो हम तुम्हारी सुनने
तो पहले सही सोचना तो सीखो
थक गयी हूँ में सुनके
तुम्हारी रोज रोज की ये बातें
जिन्हें में ताने भी नहीं केह सकती
क्युकी हम ऐसे बात नहीं कर सकते
बस थक गयी हूँ अब
नहीं होता मुझसे
By Nilakshi Raul

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