बचपन मेरा
By Asha Jaisinghani
आओ सुनाऊं एक कहानी
बचपन मेरा सीप का मोती
जैसे कोई परियों की कहानी
आओ सुनाऊं ………
खेलेंगें हम कूदेंगे
सारा दिन बस नाचेंगे
कोई इनको (माता पिता)समझादो
ये दिन फिर ना आयेंगे
आओ सुनाऊं ………
हम हंसते हैं हंसते हो
हम रोते हैं रोते हो
हम प्यार तुम्हारा समझते हैं
पर तुम इसका ,बुरा ना मानो
जो करले थोड़ी नादानी
आओ सुनाऊं …….
गिर गिर कर उठ जायेंगें
देखना आगे जायेंगें
फितरत अपनी बुरी नहीं
हम जीतके दुनिया , दम लेंगे
आओ सुनाऊं एक कहानी
बचपन मेरा सीप का मोती
जैसे कोई परियों की कहानी
By Asha Jaisinghani

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