फूल बन तुम पर बरस जाऊँगी।
By Preksha Kaliraman
कभी जब दुनिया से ओझल हो जाऊँ,
अपनी साँसों से लड़ाई हार जाऊँ,
तब आसमान में एक सितारा तुम्हारी राह ताकेगा,
चाँद की रोशनी को भूल तुम्हारी ओर झाँकेगा,
तुम मुझे जो याद फ़रमाओगे,
तो हवा का झोंका बन तुम्हारे पास से गुज़र जाऊँगी,
कभी किसी बाग में जो तुम बैठे हो,
तो फूल बन तुम पर बरस जाऊँगी।
By Preksha Kaliraman

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