फीर मिलोगे ना
By Namrata Sarkar
फीर मिलोगे ना?
वो जो तुम मुस्कुरा रहे हो
यूंही बिना पलकें गिराए देख रहे हो
तस्वीर से बहार आके, तुम मिलोगे ना?
जहा भी मैं जाऊं, जहा भी मैं रहूं,
तुम मेरे पास रहोगे ना?
एक आखरी बार, तुम मिलोगे ना?
ना दस्तकें हुईं, ना मुलाकातें,
रह गई है सिर्फ पुरानी यादें और वो अधूरे वादे,
एक दबी सी ख्वाइश रह गई है दिल में
वही पूरी करने, तुम मिलोगे ना?
मेरे पास, मेरा हाथ थामके,
तुम मेरे साथ रहोगे ना?
एक आखरी बार, तुम मिलोगे ना?
मिलेंगे फिर कही दूर उस हायत में
जहां ना है जमीन, ना आसमान
जहां ना है कुछ सही ना कोई कसूर किसी का
वही पर, तुम मिलोगे ना?
इस जनम में, अगले सारे जनम में
तुम मेरे हमेशा रहोगे ना?
एक आखरी बार, तुम मिलोगे ना?
एक आखरी बार, हम मिलेंगे ना?
By Namrata Sarkar

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