फिर मुस्कुराएगा इंडिया
By Pragati chauhan
भारत की जनता भी बड़ी अजीब है,
कहने को तो जनार्दन गरीब है।
पर दिल में बड़ी अमीरी है,
रोग निरोधक क्षमता की पीरी है।
यह रोग दबे पांव यहां से जाएगा,
इंडिया फिर मुस्कुराएगा।
महामारी से बड़ी शक्तियां धराशाई हो गई,
अपने गुरुर में अनजाने अंतरिक्ष में खो गई।
भारत का धैर्य शोर्य एक बड़ी नज़ीर है,
हमारी जनता का मजबूत फोलादी शरीर है।
हमारा देश दुनिया में नया सवेरा लाएगा,
इंडिया फिर मुस्कुराएगा।
आज विश्व में बड़ी घबराहट है,
चारों ओर घोर छटपटाहट है।
दुनिया भारत की ओर देख रही है,
भारत ही राह दिखाएगा यह सोच रही है।
घंटी - थाली बजी, दीप जले,
कोरोना के नहीं रही ज़मीन पांव तले।
भारत स्वयं विजय होकर निकलेगा,
दुनिया को राह दिखाएगा,
इंडिया फिर मुस्कुराएगा।
By Pragati chauhan

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