फाल्गुन
- Hashtag Kalakar
- Nov 28, 2025
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By Kristy Saikia
फाल्गुन का महीना
हर तरफ़
पत्ते अपने पेड़ों
से बिछड़े हुए।
चीखते चिल्लाते
शोर मचाते ,
शोक मनाते,
पड़े रहते है
वह सूखे
पुराने पत्ते
ज़मीन पर
पेड़ों के घुटनों तले।और पेड़?
शोर को अनदेखा कर,
खड़ा रहता हैं
बेहसास,
अपनी ख़ाली बाहें
फिज़ा की तरफ़ बढ़ाए,
नए पत्तों के
इंतजार में।
पर,
घंटों बगल में
बैठा ज़मीन
अपनापन दिलाने हेतु
उन बेजान,
सुखी, पुरानी
पत्तियों को
समा लेता हैं
अपनी बाहों पर।
अब,
ज़रा सोचिए।
हम यह दास्तां
देखने वाले
कितनी बार
किसी और के लिए
बन चुके हैं
एक पेड़?
वह सुखी पत्ती?
या फिर
वह जमीन?
By Kristy Saikia

Nice
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Beautiful ❤️
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