प्रार्थना
By Abha Vishwakarma
दोस्त !
आज मैं मंदिर जाऊँगी
तुम्हारे लिए l
मेरे अंजुरी में भरे होंगे
हरसिंगार के फूल
और,
जब मैं अर्पण करुँगी
शिव लिंग पर
सफ़ेद- नारंगी कोमल पंखुरियों वाले
पारीजात के पुष्प
तुम उसमें समाहित होगी
अपनी मृदु, मुलायम और नाज़ुक
स्वभाव और चरित्र लिए l
ईश्वर,
सिऊली के रूप में
तुम्हें स्वीकार करेंगे
और मैं मांगूंगी ईश्वर से
सिर्फ एक दिन
तुम्हारे लिए
जो सिर्फ तुम्हारा होगा ।
आज का दिन,
तुम अपने लिए
अपने भावनावो के लिए
अपनी ख़ुशी के लिए महफूज रखना
और जी लेना उन क्षणों को
जिसे तुम जीना चाहती थी खुद के लिए
जिसे तुमने जीवन की आपाधापी में
मन के किसी कोने में धकेल दिया l
मुझे मालूम है
ईश्वर मेरी प्रार्थना
जरूर कबूल करेंगे
सच्चे दिल से माँगा है ना
इसलिए l
दोस्त !
आज मैं मंदिर जाऊँगी
तुम्हारे लिए ।
By Abha Vishwakarma

Very nice Ma’am
Beautiful
Beautifully written.
Mesmerising
Lovely