प्रथम मिलन
By Aryawardhan Garg ( kajal )
हम जीतते जीतते हार गए ।।
मन चित्त बचन धम्म चार गए ।
जिस अदब से उसने बात किया
हम सब कुछ अपना हार गए ।।
पल दो पल उसने बात किया
मन के गीले सिकवे बीमार गए ।।
उसकी अंखियन में झांकत झांकात
हृदय में उसके सौ बार गए ।।
नयनन, यौवन ,मन वृंदावन उसका
लाली, काजल सब श्रृंगार गए।
पल दो पल की बातों में उसके
हम खुद को खुद से हार गए ।।
By Aryawardhan Garg ( kajal )

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