"प्रकृति"
By Aadesh Chauhan
ईश्वर की सुंदरतम रचना है प्रकृति
जैसे कोई कलाकार की उत्तम कृति,
आओ इसको निहारें हम नयन भर
मन को कितना आनंद देती है प्रकृति।
रंग बिरंगे फूल, पेड़ पौधे और पत्ते
मधुमक्खी और पंछियों का बसेरा बनते,
वातावरण को भी बनाते हैं स्वच्छ
हमारी कितनी मदद करती है प्रकृति।
सर्दी में कोहरा और गर्मी में तपती धूप
बरसात में रिमझिम बरसती हैं शीतल बूंद,
पहाड़ों पर बर्फ़, रेगिस्तान में तपता रेत
इंद्रधनुष की छटा भी बिखेरती है प्रकृति।
नहर, नदियाँ, झीलें तथा समुंदर
पहाड़, घाटी, जंगल और मरुस्थल,
खुले मैदान, पठार या बर्फीले पर्वत
कितने ही रूपों को संजोती है प्रकृति।
असंख्य कीट पतंगे, पशु तथा पक्षी
जैविक, अजैविक, सूक्ष्मतम जीव,
इस धरा का संतुलन बनाए रहते
सबका जीवन संवारती है प्रकृति।
ईश्वर की सुंदरतम रचना है प्रकृति
जैसे कोई कलाकार की उत्तम कृति।।
By Aadesh Chauhan

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