प्यार का बुखार !
By Abhay Raj Chand
जिसे पाने की लाखों कोशिश की, वो हमारा नहीं हुआ,
प्यार एक बार हुआ था गलती से, फिर दोबारा नहीं हुआ।
अरे हम भी पागल थे, जो उसकी बातों में आ गए,
वो तो आंखों में उतर कर मेरे ख्वाबों में आ गए।
फिर यादें भी उसकी सताने लगी हमें,
बेवजह ये हिचकियां भी आने लगी हमें।
ये ग़लतफहमी हमारी कि वो हमारा होगा,
अब तो शायद ही ये इश्क दोबारा होगा।
अगर हमें मालूम होता कि अंजाम ऐसा होगा,
हमारा पहला ही प्यार इतना बेवफा होगा।
तो शायद हम उनसे कोई वादा ना करते,
मोहब्बत करते, पर हद से ज्यादा ना करते।
मजा तो खूब आता है जब इश्क नया-नया होता है,
पर जरा संभलकर, प्यार का बुखार भी बड़ा जानलेवा होता है।।
By Abhay Raj Chand

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