प्यार एक दर्द
By Vipul Goyal
चाँदनी रातों में तेरी यादों का सिलसिला चलता रहता है,
ख़्वाबों की सुलगती हंसी में दर्द और बेहिसाबत छुपी होती है।
चांद की किरनों की सुनी गलियों में बिखरी बातें
जब सरगम सी बजती है, तब दर्द की सच्चाई छुपी होती है।
इश्क़ की आग में जलने का आलम बयां कौन नहीं करता,
दिल का हाल दुनिया से छुपा, महफूज ख़्यालात छुपे होते हैं।
प्यार की गहराइयों में छुपा है असलम-ए-इश्क का दर्द,
बयां कर पाता है जिसे दिल, वो आलम बयां छुपी होती है।
सूनी राहों में उनकी यादें बसी हैं, बेरंग दिन बन गए रंगीन,
ये जुदाई का दर्द, हर ग़म में, वो मोहब्बत की ही कहानी छुपी होती है।
By Vipul Goyal

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