पूछे कन्हैया ओ मोरी राधा
Updated: Jul 4, 2025
By Satya Deo Pathak
पूछे कन्हैया ओ मोरी राधा,
कैसा ये रिश्ता कैसा ये नाता?
सुन के तू आए क्यूं भागी भागी?
बंशी की धुन क्यूं लगे तोहें प्यारी।
राधा कहे तू मेरा मोहन,
गुलशन का मेरे फूल तू मोहन।
तेरी महक मेरे मन में समाए,
कृष्णा बिना राधा जानी ना जाए।
पूछे कन्हैया ये तो बता!
तेरा सखा मैं या जीवन का साथी।
तेरे बिना मैं ना रहूं,
मेरे बिना तू भी रह नहीं पाती।
सुन मेरे कान्हा! रिश्ता हमारा,
प्रेम के धागे से हमने है बाधा।
मन से कोई जो प्यार करे,
मजबूत वो बंधन फेरों से ज्यादा।
सुन मेरी राधा!
तेरे बिना मैं हूं आधा।
तेरा ही नाम पहले रहेगा,
जब कोई राधे मोहन कहेगा।
मेरे कन्हैया दिल तूने जीता,
यही अदा तेरी मुझको है लूटा ।
नाचेगी राधा गाएगी राधा,
प्यारा नही कोई तुझसे है वादा।
By Satya Deo Pathak

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