पिया के संग चली सिया माता
- Hashtag Kalakar
- Dec 12, 2025
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By Anjali Kumari
स्थाई :-
पिया के संग चली सिया माता
छोड़ मिथिला प्रदेश को
किसी अन्य से जोड़ के नाता
पिया के संग चली सिया माता ।
अंतरा :- 1
राजकुमारी माता का आँचल
लिए तनिक संकुचाई
बोली न कछु बस देंखि - देंखि
लज्जावश ही मुस्काई
अँसुवन से अँखियन को भिगोए
अँखियन में नए स्वप्न संजोए
सोंचि रहीं आभार करूँ कैसे ?
तुम राम दिए जो विधाता ।
पिया के संग चली सिया माता..
अंतरा : - 2
जनकसुता बनने चली अब
राघवप्रिय, देखो!
लक्ष्मीनारायण का पुणः
पाणिद्वय, देखो!
अंजुरी से मुख को छुपाए
हृदय पुलकित होइ जाए
ऐसे ही न आदर्श ब्याह
इन दोनों का कहलाता ।
पिया के संग चली सिया माता..
अन्तरा :- 3
हुआ आगमन वैदेही का
अवध में पुष्प खिले
दोनों प्रदेश के वासी
हिल-मिल-जुल कर गले मिले
देंहि आशीष ऋषि नर सुर
हुए प्रफुल्लित सबके उर
ऐसा मनोरम दृश्य कि
कवि वर्णन भी कर नहीं पाता ।
पिया के संग चली सिया माता ।
छोड़ मिथिला प्रदेश को
किसी अन्य से जोड़ के नाता
पिया के संग चली सिया माता ।
By Anjali Kumari

हृदय को छू गयी
A graceful depiction of Sita Maa walking beside Ram ji in devotion and love
what a talent 👏🏻
Amazing 😍
❤️💝❤️