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पिता का वचन - एक बेटे की जिम्मेदारी और सपनों की नई उड़ान - By Pushpinder Singh

Aug 16
5 min read

Updated: 8 hours ago

Written By: Pushpinder singh

Category: Story

Competition: Poetry and Creative Writing Competition 2026

Pushpinder Singh brings to the Poetry and Creative Writing Competition 2026 a heartfelt narrative titled "पिता का वचन - एक बेटे की जिम्मेदारी और सपनों की नई उड़ान." This story, under the 'Story' category, unfolds the poignant journey of a son who chooses duty over comfort, reflecting the themes of familial responsibility and personal dreams. Set against the backdrop of life's unpredictable nature, it delves into the emotional and moral decisions that shape our existence.

About the Work

The narrative captures the essence of balancing duty with personal aspirations. With a touching depiction of familial bonds, the story conveys profound messages about sacrifice and fulfillment. It portrays vivid imagery of a son's commitment to his family, his return to his roots, and the rediscovery of his passion for music. The mood is reflective, encouraging readers to ponder the true meaning of happiness and duty.

शीर्षक: पिता का वचन — एक बेटे की जिम्मेदारी और सपनों की नई उड़ान

Original Submission by Pushpinder singh


जीवन हमेशा हमारी योजनाओं के अनुसार नहीं चलता। कई बार परिस्थितियाँ अचानक ऐसी करवट लेती हैं कि हमें अपने तय रास्ते बदलने पड़ते हैं। उस समय इंसान के सामने दो रास्ते होते हैं-एक अपने आराम और सुविधाओं का, और दूसरा अपने कर्तव्य और रिश्तों का। जो लोग अपने कर्तव्य को चुनते हैं, वही जीवन के असली अर्थ को समझ पाते हैं। मेरी कहानी भी इसी सच को दर्शाती है।


मैं मुंबई की एक प्रतिष्ठित कंपनी में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत था। वर्षों की मेहनत, लगन और समर्पण के बाद मुझे यह स्थान मिला था। नौकरी स्थिर थी, आय अच्छी थी और भविष्य सुरक्षित दिखाई देता था। मेरी पत्नी और मेरा छोटा बेटा मेरे साथ मुंबई में ही रहते थे। हम एक साधारण लेकिन संतुष्ट जीवन जी रहे थे।


मेरे माता-पिता उत्तर प्रदेश के बरेली में रहते थे। मैं अपने परिवार में सबसे बड़ा भाई हूँ, इसलिए हमेशा यह भावना रहती थी कि माता-पिता के प्रति मेरी जिम्मेदारी थोड़ी अधिक है। भले ही मैं मुंबई में रहता था, लेकिन फोन पर बातचीत और समय-समय पर मुलाकातों के माध्यम से हमारा रिश्ता हमेशा मजबूत बना रहता था।


जीवन की यह शांत धारा अचानक एक दिन रुक गई।


एक दिन मुझे वह खबर मिली जिसने मेरी दुनिया बदल दी-मेरे पिता का देहांत हो गया।


पिता मेरे जीवन के मार्गदर्शक थे। उनका साया मेरे लिए हमेशा एक सुरक्षा और प्रेरणा का स्रोत रहा था। उनके जाने के बाद घर में एक गहरा खालीपन छा गया। माँ पूरी तरह अकेली हो गईं।


पिता के अंतिम दिनों में उन्होंने मुझसे केवल एक बात कही थी-


“बेटा, तुम अपनी माँ का ध्यान रखना।”

यह वाक्य मेरे लिए केवल शब्द नहीं था, बल्कि एक जिम्मेदारी थी-एक ऐसा वचन जिसे निभाना मेरे जीवन का कर्तव्य बन गया।

मैंने कई रातें सोचते हुए बिताईं। एक ओर मुंबई की स्थिर नौकरी थी, और दूसरी ओर मेरी अकेली माँ। अंततः मैंने वही निर्णय लिया जो मेरे दिल और संस्कारों ने मुझे सिखाया था।

मैंने मुंबई की अपनी नौकरी छोड़ दी और बरेली लौटने का फैसला किया।

यह निर्णय आसान नहीं था। कई लोगों ने मुझे समझाया कि इतनी अच्छी नौकरी छोड़ना सही नहीं है। लेकिन मेरे लिए उस समय सबसे महत्वपूर्ण मेरी माँ थीं। मैंने अपने परिवार के साथ बरेली आकर नया जीवन शुरू किया।

सबसे पहले मैंने अपने बेटे का दाखिला एक सीबीएसई स्कूल में करा दिया, ताकि उसकी पढ़ाई बिना किसी बाधा के चलती रहे। मेरी पत्नी, जो एम.ए. और बी.एड. हैं, उन्होंने भी एक सीबीएसई स्कूल में अध्यापिका के रूप में नौकरी शुरू कर दी। धीरे-धीरे हमारे जीवन ने एक नई लय पकड़नी शुरू कर दी।

घर की जिम्मेदारियों के बीच मुझे अपनी एक पुरानी रुचि को फिर से जीने का अवसर मिला-संगीत


बचपन से ही मुझे गाने का बहुत शौक था। स्कूल और कॉलेज के दिनों में मैं अक्सर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेता था। लेकिन नौकरी और जिम्मेदारियों के कारण यह शौक धीरे-धीरे पीछे छूट गया था।


बरेली आने के बाद मैंने फिर से संगीत को समय देना शुरू किया। शुरुआत में यह केवल एक अभ्यास था, लेकिन धीरे-धीरे यह मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। मैंने नियमित रियाज़ करना शुरू किया और संगीत की दुनिया में अपने लिए एक रास्ता बनाने की कोशिश की।


मेहनत और धैर्य का परिणाम धीरे-धीरे सामने आने लगा। छोटे मंचों से शुरुआत हुई, फिर कुछ बड़े अवसर मिलने लगे। समय के साथ मुझे बॉलीवुड में एक सिंगर के रूप में काम करने का अवसर भी मिला।


यह मेरे लिए केवल एक उपलब्धि नहीं थी, बल्कि यह इस बात का प्रमाण था कि अगर इंसान अपने कर्तव्यों को निभाते हुए अपने सपनों के लिए भी मेहनत करे, तो जीवन उसे नई राह जरूर दिखाता है।

आज मेरी माँ मुझे देखकर गर्व और संतोष महसूस करती हैं। उन्हें यह खुशी है कि उनका बेटा उनके साथ है और अपने जीवन में आगे भी बढ़ रहा है। मेरा बेटा अब बड़ा हो गया है और इस समय 12वीं की परीक्षा दे रहा है।

इन वर्षों में मैंने अपने बेटे और अपनी माँ-दोनों की परवरिश में पूरा ध्यान दिया। उनकी छोटी-छोटी जरूरतों और भावनाओं को समझने की कोशिश की। कई बार परिस्थितियों ने मुझे पिता के साथ-साथ माँ की भूमिका भी निभाने के लिए प्रेरित किया।

इस पूरे सफर में मेरी पत्नी ने मेरा हर कदम पर साथ दिया। जब मैंने नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया, तब भी उन्होंने मेरा हौसला बढ़ाया और हमेशा मेरे साथ खड़ी रहीं। उनका विश्वास और सहयोग ही हमारी सबसे बड़ी ताकत रहा।

आज जब मैं अपने जीवन की इस यात्रा को पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो महसूस करता हूँ कि कठिन निर्णय ही हमें जीवन का असली अर्थ सिखाते हैं। मैंने केवल अपने पिता के अंतिम शब्दों का सम्मान किया और अपने कर्तव्य को निभाने की कोशिश की।

शायद इसी का परिणाम है कि आज हमारा पूरा परिवार खुश है, एक साथ है और जीवन की छोटी-छोटी खुशियों का आनंद ले रहा है।

क्योंकि अंत में जीवन का सबसे बड़ा सुख यही है-

अपने कर्तव्यों को निभाते हुए अपने प्रियजनों के साथ खुशियाँ बाँटना।

और सच यही है कि

खुशियों में ही जीवन का सबसे सच्चा आनंद छिपा होता है।

About the Competition

The Poetry and Creative Writing Competition 2026 by Hashtag Kalakar celebrates the art of storytelling and poetic expression. This prestigious event invites participants worldwide to explore diverse themes through their creative works, offering a platform for writers to share their unique voices and perspectives with a global audience.

We extend our heartfelt thanks to Pushpinder Singh for sharing this inspiring story, "पिता का वचन - एक बेटे की जिम्मेदारी और सपनों की नई उड़ान," with us. It is a beautiful reminder of the importance of duty and dreams, submitted to the Poetry and Creative Writing Competition 2026. We wish Pushpinder continued success in his creative endeavors.

About Hashtag Kalakar

Hashtag Kalakar is a creative platform dedicated to providing artists, writers, singers and other creative talents with opportunities to showcase their work and reach wider audiences through competitions, features and creative initiatives.

 
 
 

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