परिवार।
Updated: Sep 16, 2025
By Suroochi Rahangdale
एक था छोटा सा परिवार।
जिसमें थे सदस्य चार।।
मां पापा और दो बच्चे होनहार।
खूब करते थे शरारत।
और एक दूसरे से करते थे खूब प्यार।
सुंदर सा घर था,
और खिलौने भी थे बेशुमार।
पर न जाने क्या कमी थी?
रहता था खुशियों का इंतजार।
सब कुछ होकर भी अधूरा सा था वह परिवार।
सोचो क्या नहीं था शायद वक्त?
उनकी किस्मत में नहीं था माता-पिता का एक भी रविवार।
By Suroochi Rahangdale

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