नारी शक्ति
By Rajneesh Singh Yadav
नारी का न अपमान हो ,
हो तो हो बस सम्मान हो।
तुम्हारे हौंसलो को पंख लगे ,
देश में तुम्हारी लहर जगे।
अब तुम ज़ंजीरो को तोड़ दो ,
खुद से कामयाबी को जोड़ लो।
इस देश की आवाज़ बन ,
न तू मार अब अपना मन ।
शिव का तू आधा अंग है ,
तो किस बात का तुझपे कलंक है।
अब हौंसलो का खंजर उठा ,
नारी शक्ति का मंज़र दिखा।
By Rajneesh Singh Yadav

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