नहीं हूं खास मुझे बेकार रहने दो....
By Aryawardhan Garg ( kajal )
नहीं हूं खास मुझे बेकार रहने दो ।।
रखो खुश औरों को और मुझे उदास रहने दो ।।
पता है हमे काबिल नहीं है तुम्हारे ,
सिर्फ यादों में ही सही पास रहने दो ।।
हकीकत से रूबरू नहीं हो पाएंगे ,
ख्वाबों में हमें बिंदास रहने दो ।।
तुम और तुम्हारी पसंद बदल गई लेकिन,
मुझे प्रेमचंद का रोचक उपन्यास रहने दो ।।
By Aryawardhan Garg ( kajal )

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