नज़्म ये तलाक
By Dr Er Ratnesh Gupta
"तेरी ख़ुशी ही मेरी दुनिया है,
मेरी चाहत बस तेरा सपना है।
मुझे तो जीने लायक थोड़ा सा चाहिए,
बाक़ी सब तेरा अपना है।"
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"जिंदगी का हिसाब क्यों लगाना,
इश्क़ को काग़ज़ों पर क्यों सजाना।
मुझे बस ज़िंदा रहने की रोटी दे देना,
तेरे नाम कर दूँगा बाकी का ज़माना।"
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"मुझसे मत पूछो अलिमनी का सवाल,
मेरा तो हर लम्हा है तेरा ख़याल।
मुझे तो बस इतना मिल जाए कि साँसें चलती रहें,
तेरी दहलीज़ पे रख दूँगा बाकी का माल।”
By Dr Er Ratnesh Gupta

Kya BAAT