देखा है
- Hashtag Kalakar
- Aug 30, 2024
- 1 min read
Updated: Sep 27, 2024
By Arvind Kumar
है..
नामी आँखों में ना दिखी तेरे पर आंसुओं को सरकते देखा जुबा खामोश है तेरी फिर भी मगर..
कुछ लफ़्ज़ सुनाते देखा है...
बहने लाख करती हो ये बहुत ही खूब देखा है..
हंसी चेहरे पर कुछ दर्द छुपते देखा है...
देखा है मैंने तेरी बातों में बातों से कुछ बात छुपते देखा है..
मुट्ठी में टिकती रेत नहीं मगर वो रेत छुपते देखा है..
बातों ही बातों में तेरे अपने कुछ जज्बात छुपते देखा है... तेरी आँखें मैंनेराज छुपाते देखा है...
है मुझसे तू दूर सही पर अंजने ख्वाब सजाते देखा है...
कुछ
कुछ
By Arvind Kumar

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