दुष्कर्म
- Hashtag Kalakar
- Dec 12, 2025
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By Varsha Rani
कितनी मन्नतों से तुझे पाया,
कितनी हसरतों से तुझे गोद खिलाया,
कितनी उम्मीदों से तुझे परवान चढ़ाया,
पर, हाय कैसा यह संसार रचा मैंने,
उस एक काली रात को,
तेरा शर्म भी ढँक नही पाया I
By Varsha Rani

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