दुनिया-दारी
By Jahnvi Gulati
कल आया था तू
कल चला जाएगा
इस दो दिन के सफ़र में तू क्या कुछ कर पाएगा ?
पहले चलना सिखेगा
फिर तुझे दोढ़ाया जाएगा
वक़्त आने पर ,
तुझे बिना पंखो के भी उढ़ाया जाएगा ।
दिमाग़ में तेरे , अगर रफ़्तार होगी
तो तू अपनो से भी आज़माया जाएगा ।
फिर तुझे कुछ पराए मिलेंगे
जिन्हें तू दोस्त बुलाएगा
जो वक़्त आने पर साथ और कोई काम पर भाग जाएगा ।
कयी लोग तुझे प्यार करेंगे
तो किसी की नफ़रत का शिकार तू बन जाएगा
दुनिया-दारी का खेल तुझे यह ज़माना ही सिखाएगा ।
By Jahnvi Gulati

Very True
🫶🏻🫶🏻🫶🏻🫶🏻🫶🏻🫶🏻
😍😍😍
Sachayi likhdi 🙌
"दुनिया-दारी का खेल तुझे यह ज़माना ही सिखाएगा" sahi baat hai bhai