दिल संभल जा ज़रा
Updated: Jul 14, 2025
By Nishant Patil
सुनो,
दिल संभल जा ज़रा,
थोड़ी देर ठहर जा ज़रा...
प्यार हुआ है तुम्हे भी उनसे,
जिनका ज़िक्र कभी किया ना किसीसे,
कबतक कागज़ों पर प्यार को निखरोगे,
वक़्त आगया है,
आज वह दिन है, सब कह देना तुम उसे|
पर सुनो,
दिल संभल जा ज़रा,
थोड़ी देर ठहर जा ज़रा |
हर दिन उसकी तस्वीर देखा करे ये दिल,
सपनो में आकर नींदें उड़ाना आदत सी बन गयी है,
गुड मॉर्निंग से गुड नाईट उन तक,
औरर आखों में मेरी उसका ही चेहरा धड़कता है,
कह दू उससे कुछ तो हुआ है हमे,
सुनो ...
दिल संभल जा ज़रा,
थोड़ी देर और ठहर जा ज़रा |
अब प्यार जो किया है इस दिल ने भी,
निभाना तोह पड़ेगा इस दिल को भी,
और दिल ने कह दिया उससे,
"सुनो, तुमपर नज़र अटक गयी है,
प्यार हुआ है तुमसे,
और तुम्हे भी हमसे इश्क़ है,
ये हम भी जानते है|"
By Nishant Patil

Comments