तेरे शहेर में
Updated: Jul 15, 2025
By Sachin Harkhani (Sahaj)
कुछतो बात थी उसके शहेर में
लो आ गए ग़ालिब हम तेरे शहेर में
वो दहकती आएग मेरे अंदर की
मुजपर बेमौसम बरसात तेरे शहेर में
वो तरन्नुमसे भटका हुवा मेरा गाना
वो निज़ामके दरपर कवाली तेरे शहेर में
वो जो दीवाने आशिक़ घुमतें हे गली गली
उनको शायर-ए- सुखन तेरे शहेर में
मोहब्बत के खिलाफ ये ज़िंदा लोग
वो मक़बरे पर मुलाकात तेरे शहेर में
By Sachin Harkhani (Sahaj)

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