तेरे बिना
By Surabhi
तेरे बिना न मेरा अब गुजा़रा होगा
इस दिल का न तेरे सिवा कोई और सहारा होगा
तूझसे मिल कर मैं नयी हो गयी
ख़ुदा जाने कब मैं तेरी हो गयी
तेरे एक मुस्कराहट के लिये, ख़ुद को पूरा भुला दिया
एक नयी सोच आयी मुझे में, कई नए ख्वाबों को सजा लिया
तेरे बिना जीना ग़वारा नहीं,तेरे सिवा मेरा कोई किनारा नहीं
जहाँ के बंदिशों के कारण ये दूरी है,कैसे समझाऊं मज़बूरी है
मेरी पा़क मोहब्बत ख़ुदा जनता है आपकी हर धड़कन ये दिल पहचानता है
अपना ये साथ इस जहाँ को न गवरा है, इस मझधार में खुदा ही अपना सहारा है
By Surabhi

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