तेरे जाने के बाद…
By Himani Bhardwaj
क़तरा क़तरा कर बटोरी ज़िन्दगी हर तूफ़ान के बाद
हर बात को किया नज़रअंदाज़ हर बहस के बाद
अश्क़ ना बहने दिए आँखों से हर बेरुखी के बाद
की रह गयी बस यादें तेरे जाने के बाद
हो गयी वो रात अनजानी जो गुजरी बिना तेरी बातों के
खो गए वो ख्वाब जो देखे खुली आँखों से
कहने को थी बाते हज़ार, रह गयी अधूरी बिना तेरे सवालो के
दिल है वही खो गया है साज़ बिना तेरी धड़कनो के
गिला नहीं तेरी बेरुखी का, की तेरी ख़ामोशी ने मारा है
गिला नहीं तेरी रुखसती का, की तेरी कमी ने मारा है
दिल पे दस्तक थी धड़कनो की तेरी …
की हमे हमारी बेपरवाही ने मारा है
By Himani Bhardw

Comments