तेरी याद साथ है………….
By Viren Singh
आज दिन की शुरुआत,
कुछ खास न रही...
नया दिन, नई सुबह,
पर पहले वाली, बात न रही......
सब कुछ होते हुए भी,
कुछ कमी थी तो सही।
सुबह उठते ही, जिस खुशी का रहता था इंतजार,
वो खुशी, वो एहसास, खो सी गई थी कहीं।
सूरज के आने से पहले,
या चाहे उसके डूब जाने के बाद.....
हर पल, हर दम,
न चाहते हुए भी आ जाती जिसकी याद......
जिसके साथ बिताया हर पल सुहाना लगता था,
वक्त वहीं ठहर जाए, ऐसा मन किया करता था...
जो आ चुकी थी, मेरे दिल के इतने पास,
बेचारा दिल, उसे खोने से डरा करता था.....
थी, सबसे से अलग,
लगने लगी थी औरों से खास....
कभी सोचा न था,
छोड़ के मेरा साथ, मुझे कर जाएगी उदास......
बिन बताए दुनिया छोड़ दी ,
छोड़ के मेरा हाथ....
जाते–जाते एक बार बता दी होती,
वहां भी निभाता उसका साथ.......
By Viren Singh

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